ऋषिकेश क्षेत्र में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब श्रीमती चारु कोठारी जी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद, उत्तराखण्ड में उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) का दायित्व प्रदान किया गया। इस नियुक्ति को लेकर स्थानीय जनमानस एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं में व्यापक असंतोष और रोष व्याप्त है।

ज्ञात हो कि श्रीमती चारु कोठारी के पति श्री भगत राम कोठारी को पूर्व में पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। ऐसे में इस प्रकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिया जाना कई सवाल खड़े करता है और संगठन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर पार्टी अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे परिवार से जुड़े व्यक्ति को राज्यमंत्री स्तर का दायित्व देना कार्यकर्ताओं के मनोबल को ठेस पहुंचाने वाला है।
ऋषिकेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के निर्णय न केवल संगठन की छवि को प्रभावित करते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ भी अन्याय है।
जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रदेश नेतृत्व से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करें और उचित निर्णय लें, जिससे संगठन की गरिमा और कार्यकर्ताओं का विश्वास बना रहे।
