ऋषिकेश (बापूग्राम) — भूस्वामित्व केअधिकारों को लेकर बापूग्राम में चल रहे धरने को लेकर जनता का संघर्ष लगातार जारी है। इस आंदोलन की शुरुआत से ही जाने-माने जनसेवक और कांग्रेस प्रदेश महासचिव जयेंद्र रमोला लोगों के बीच पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। वे समय मिलते ही बापूग्राम आकर संघर्षरत परिवारों से मुलाकात करते हैं और उनकी मांगों को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।

लोगों का मनोबल बढ़ा रहे जयेंद्र रमोला
बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति का कहना है कि वन भूमि विवाद से हजारों लोगों के घर, आजीविका और भविष्य का सवाल जुड़ा है। ऐसे समय में जयेंद्र रमोला का धरने स्थल पर पहुंचना स्थानीय निवासियों के लिए निराशा के बीच हिम्मत और एकजुटता का संदेश बन रहा है।
रमोला धरनारत लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनते हैं, सरकार के समक्ष उनकी मांग उठाने का भरोसा देते हैं और आंदोलन को शांतिपूर्ण रूप से लगातार चलाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी उपस्थिति से स्थानीय लोगों को लगता है कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।

मुख्यमंत्री धामी से बात करने का प्रयास
जयेंद्र रमोला ने बापूग्राम आंदोलन के समर्थन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बात करने का प्रयास किया था। उनकी कोशिश रही कि प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति मुख्यमंत्री तक पहुंचे और वन भूमि सर्वे प्रकरण में निवासियों के हित की ठोस पैरवी हो।
बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की ठोस पैरवी की जाए; अन्यथा आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है।

आंदोलन की मुख्य मांग: भूस्वामित्व
बापूग्राम के संघर्षरत निवासियों की मुख्य मांग अपने घर, खेत और आजीविका से जुड़ी भूमि पर भूस्वामित्व के अधिकार दिए जाने की है। लोगों का कहना है कि वे पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं, इसलिए उनके अधिकारों की स्पष्ट और कानूनी सुरक्षा होनी चाहिए।
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बापूग्राम के निवासियों को उनकी भूमि पर भूस्वामित्व का अधिकार दिया जाए।
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वन भूमि सर्वे प्रकरण में लोगों के अधिकारों की ठोस पैरवी की जाए।
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हजारों परिवारों के आशियाने और आजीविका को संकट में डालने वाली स्थिति का निर्णायक समाधान निकाला जाए।
धरना जारी है — बापूग्राम के लोगों ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें भूस्वामित्व का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
